यूपी स्कॉलरशिप 2025-26 के फॉर्म में हजारों छात्रों के सामने एक अजीब समस्या आ रही है। वे बैंक जाते हैं, बैंक कर्मचारी कहता है—“आपका आधार खाते से लिंक है, सब ठीक है।”
लेकिन जब वे स्कॉलरशिप का फॉर्म भरते हैं या स्टेटस चेक करते हैं, तो वहां लाल अक्षरों में लिखा आता है—“Bank Account Not Seeded with NPCI” या “UID Never Enabled for DBT”।
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? बैंक सही बोल रहा है या वेबसाइट? इस आर्टिकल में हम आपको ‘आधार लिंक’ और ‘NPCI सीडिंग’ का असली अंतर बताएंगे और इस समस्या को 24 घंटे में ठीक करने का राम-बाण तरीका देंगे।
आधार लिंक (Linking) और NPCI सीडिंग (Seeding) में क्या अंतर है?
यहीं पर सारा खेल बिगड़ता है। छात्र और कई बार बैंक कर्मचारी भी इन दोनों को एक ही समझते हैं।
- आधार लिंकिंग (Aadhar Linking): इसका मतलब है कि आपके बैंक खाते में आधार नंबर दर्ज है। आप आधार से पैसा निकाल सकते हैं और जमा कर सकते हैं। यह स्कॉलरशिप के लिए काफी नहीं है।
- NPCI सीडिंग / DBT (Direct Benefit Transfer): इसका मतलब है कि आपने बैंक को लिखित अनुमति दी है कि “सरकार से आने वाला कोई भी पैसा (DBT) मेरे इसी खाते में भेजा जाए।”
समस्या की जड़: आपका आधार बैंक से ‘लिंक’ तो है, लेकिन NPCI सर्वर पर ‘मैप’ (Map) नहीं है। इसीलिए स्कॉलरशिप का फॉर्म एरर दिखा रहा है।
कैसे चेक करें कि आपका खाता NPCI से लिंक है या नहीं?
बैंक जाने से पहले आप खुद घर बैठे अपने मोबाइल से असली स्टेटस चेक कर सकते हैं:
- UIDAI (आधार कार्ड) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
- ‘Bank Seeding Status‘ या ‘Check Aadhar Bank Linking Status’ विकल्प चुनें।
- अपना आधार नंबर डालें और OTP वेरीफाई करें।
- अगर वहां “Active” लिखा है और आपके बैंक का नाम दिख रहा है, तो सब ठीक है।
- अगर “Inactive” लिखा है या कोई बैंक नहीं दिख रहा, तो आपको तुरंत नीचे दिया गया तरीका अपनाना होगा।
समाधान 1: बैंक में जाकर ‘DBT Form’ भरें (सही तरीका)
सिर्फ पासबुक लेकर बैंक जाने से काम नहीं चलेगा। आपको बैंक मैनेजर से एक खास तरीके से बात करनी होगी।
- Step 1: अपनी बैंक शाखा (Home Branch) जाएं।
- Step 2: कर्मचारी से यह न कहें कि “आधार लिंक करना है”।
- Step 3: उनसे साफ शब्दों में कहें: “मुझे अपने खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) इनेबल करवाना है और NPCI मैपर पर सीड करवाना है।”
- Step 4: इसके लिए एक अलग फॉर्म आता है (Aadhar Seeding Consent Form)। उसे भरकर जमा करें।
- Step 5: 48 से 72 घंटे में आपका स्टेटस अपडेट हो जाएगा।
समाधान 2: इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) – सबसे तेज़ तरीका
अगर आपका पुराना बैंक (जैसे SBI, BOB, PNB) दौड़ने के बाद भी काम नहीं कर रहा, तो यह ‘राम-बाण’ तरीका अपनाएं। यह तरीका 100% काम करता है।
- नजदीकी पोस्ट ऑफिस (Post Office) जाएं।
- वहां India Post Payment Bank (IPPB) में एक नया खाता खुलवाएं।
- खाता खुलवाते समय पोस्टमैन से कहें कि “DBT का पैसा इसी खाते में आना चाहिए” (DBT Mapping टिक करवाएं)।
- IPPB का सर्वर बहुत तेज़ है। मात्र 24 से 48 घंटे के अंदर आपका NPCI स्टेटस अपडेट हो जाएगा और स्कॉलरशिप फॉर्म का एरर अपने आप हट जाएगा।
Status Update होने के बाद क्या करें?
जब आपका बैंक NPCI से मैप हो जाए, तो स्कॉलरशिप पोर्टल पर वापस आएं। वहां “Check NPCI Status” बटन पर क्लिक करें। अब सिस्टम बैंक सर्वर से डेटा फेच कर लेगा और आपका फॉर्म आगे बढ़ जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
याद रखें, यूपी स्कॉलरशिप का पैसा उसी खाते में आएगा जो NPCI Mapped होगा, न कि सिर्फ आधार लिंक। अगर आप रिस्क नहीं लेना चाहते, तो सबसे आसान तरीका है कि Post Office में नया खाता खुलवा लें। इससे आपकी स्कॉलरशिप फंसने का डर खत्म हो जाएगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
मेरे पास दो बैंक अकाउंट हैं, स्कॉलरशिप किसमें आएगी?
स्कॉलरशिप का पैसा उसी अकाउंट में आता है जो NPCI सर्वर पर सबसे आखिरी में (Latest) मैप किया गया हो। फॉर्म में आप जो भी बैंक भरें, पैसा NPCI वाले खाते में ही जाएगा।
मेरे पास दो बैंक अकाउंट हैं, स्कॉलरशिप किसमें आएगी?
स्कॉलरशिप का पैसा उसी अकाउंट में आता है जो NPCI सर्वर पर सबसे आखिरी में (Latest) मैप किया गया हो। फॉर्म में आप जो भी बैंक भरें, पैसा NPCI वाले खाते में ही जाएगा।
NPCI Status ‘Inactive’ का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि पहले आपका खाता लिंक था, लेकिन अब किसी कारण से (जैसे KYC पूरी न होना या लंबे समय से लेनदेन न करना) लिंक टूट गया है। आपको दोबारा KYC करानी होगी।
क्या खाता बदलने के लिए स्कॉलरशिप फॉर्म में करेक्शन करना पड़ेगा?
नहीं। स्कॉलरशिप अब “आधार आधारित भुगतान” (Aadhar Based Payment) प्रणाली पर चलती है। आप फॉर्म में कोई भी बैंक भरें, सरकार आधार नंबर से पैसे भेजेगी और वह आपके एक्टिव NPCI खाते में ही जाएगा।